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अधिसूचना जारी होने तक जारी रहेगा प्राथमिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन

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5 अगस्त को शिक्षा निदेशालय में होगी अहम बैठक

शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में लागू किए गए कॉम्प्लेक्स/क्लस्टर सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (HPPTF) का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी शिमला में पिछले पांच दिनों से प्राथमिक शिक्षक क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लेकर लिखित अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष और भूख हड़ताल जारी रहेगी।


इस बीच सरकार ने भी विवाद के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 25 जुलाई को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णयों के आधार पर 29 जुलाई को उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली की अध्यक्षता में गठित इस समिति में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। समिति कॉम्प्लेक्स सिस्टम से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों और शिक्षकों की मांगों पर विस्तृत चर्चा करेगी।


समिति की पहली बैठक 5 अगस्त को उच्च शिक्षा निदेशालय में आयोजित होगी। बैठक के बाद तैयार रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अब शिक्षकों और सरकार दोनों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं।


प्राथमिक शिक्षक संघ (जिला मंडी) के अध्यक्ष बाबूराम कौंडल ने कहा कि संगठन सरकार के आश्वासन का सम्मान करता है, लेकिन केवल मौखिक भरोसे से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक सरकार कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेने अथवा उसमें संशोधन संबंधी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक क्रमिक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।


उन्होंने बताया कि शिक्षकों का संघर्ष 11 जुलाई को जिला कांगड़ा से शुरू हुई पदयात्रा से प्रारंभ हुआ था, जो विभिन्न जिलों से होते हुए 25 जुलाई की शाम शिमला पहुंची। इसके अगले दिन 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर से करीब 15 हजार शिक्षकों ने भाग लिया।


धरना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षकों से बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया था कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम में संशोधन की आवश्यकता होगी तो सरकार संशोधन करेगी और जरूरत पड़ने पर अधिसूचना वापस लेने पर भी विचार किया जाएगा।


हालांकि शिक्षक संघ फिलहाल अपने रुख पर कायम है। बाबूराम कौंडल ने कहा कि 5 अगस्त की बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारी सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

यदि बैठक में सम्मानजनक समाधान निकलता है तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा, अन्यथा 27 जुलाई से शुरू हुआ क्रमिक अनशन और आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।