घणाहट्टी में तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन, महिलाओं ने विशेषज्ञों के समक्ष पेश किए बिजनेस आइडिया
सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़ाव की भी दी जानकारी
शिमला, घणाहट्टी। सिलाई-कढ़ाई के काम से जुड़ी महिलाओं को अब केवल स्वरोजगार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और रोजगार सृजित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में ग्लोबल हिल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, घणाहट्टी में आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। 7 से 9 सितंबर तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिलाई-कढ़ाई व्यवसाय से जुड़ी 30 महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उद्यमिता, व्यवसाय विकास, बाजार की समझ, वित्तीय प्रबंधन और व्यवसाय संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को अपने मौजूदा सिलाई-कढ़ाई के काम को एक व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय में बदलने के लिए व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाई गई।
पहले दिन समझी ग्राहक की जरूरत और बिजनेस आइडिया
कार्यक्रम के पहले दिन महिलाओं को उद्यमशील मानसिकता विकसित करने, नए अवसर पहचानने, समस्या की पहचान और ग्राहक व्यवहार को समझने के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से बताया कि ग्राहकों की जरूरत को समझकर किस तरह बेहतर व्यावसायिक विचार तैयार किया जा सकता है।
इस दौरान यूजर इंटरव्यू, पर्सोना मैपिंग, आइडिया वैलिडेशन, एमवीपी थिंकिंग और वैल्यू प्रपोजिशन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में अपने संभावित उत्पादों और सेवाओं को लेकर व्यावसायिक मॉडल तैयार करने का अभ्यास किया।
बाजार, कीमत और वित्तीय प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण
दूसरे दिन प्रतिभागियों को गो-टू-मार्केट रणनीति, व्यवसाय संचालन, वित्तीय प्रबंधन और मूल्य निर्धारण की बुनियादी जानकारी दी गई। इसके अलावा व्यवसाय से जुड़े अनुपालन, जोखिम प्रबंधन, टीम निर्माण और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
समूह गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं ने अपने सामने आने वाली व्यावसायिक समस्याओं की पहचान कर उन्हें संभावित व्यावसायिक अवसरों में बदलने का अभ्यास किया।
विशेषज्ञों के सामने पेश किए बिजनेस मॉडल
प्रशिक्षण के अंतिम दिन महिलाओं को पिचिंग, वेंचर रेडीनेस और बिजनेस मॉडल तैयार करने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहयोग की भी जानकारी दी गई, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध सहायता का लाभ उठा सकें।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने समूहों में अपने-अपने बिजनेस आइडिया और बिजनेस मॉडल विशेषज्ञ पैनल के समक्ष प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए महिलाओं को व्यवसाय की व्यवहार्यता, बाजार से जुड़ाव, वित्तीय योजना और भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
रोजगार लेने के बजाय रोजगार देने की दिशा में कदम
कार्यक्रम के समापन पर सभी 30 महिलाओं को सहभागिता के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विशेषज्ञों ने महिलाओं को स्थानीय संसाधनों और बाजार में उपलब्ध अवसरों के आधार पर नवाचार आधारित सिलाई-कढ़ाई उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना और उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने के लिए सक्षम बनाना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सिलाई-कढ़ाई जैसे पारंपरिक कौशल को बेहतर व्यवसाय मॉडल, बाजार की समझ और वित्तीय योजना के साथ एक सफल उद्यम में बदला जा सकता है।












