दो सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट, अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक उपकरणों की जरूरत का होगा आकलन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को अत्याधुनिक और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (एआईएमएसएस), चमियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (स्पेशलाइज्ड डिपार्टमेंट) स्थापित करने के प्रस्ताव का निरीक्षण करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।
समिति प्रत्येक सरकारी मेडिकल कॉलेज और एआईएमएसएस चमियाणा में दो से चार ऐसे विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सकता है। इन केंद्रों में जटिल, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बहु-विषयक एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे मरीजों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मानव संसाधन का होगा आकलन
विशेषज्ञ समिति सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन करेगी। इसमें अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, आधारभूत ढांचे का उन्नयन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य मानव संसाधन की उपलब्धता, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण तथा वित्तीय जरूरतों का मूल्यांकन शामिल रहेगा।
समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश में तृतीयक और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक उपचार के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और लक्षित अनुसंधान को भी बढ़ावा देना है।
डॉ. डीके वर्मा होंगे समिति के अध्यक्ष
अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी, नेरचौक, मंडी के कुलपति डॉ. डीके वर्मा समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डॉ. गोपाल बेरी, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा, एआईएमएसएस चमियाणा के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा, आईजीएमसी शिमला के प्रोफेसर (जनरल मेडिसिन) डॉ. बलबीर वर्मा और प्रोफेसर (जनरल सर्जरी) डॉ. पुनीत महाजन सदस्य होंगे। एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक, मंडी के अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
दो सप्ताह में सौंपनी होगी रिपोर्ट
विशेषज्ञ समिति को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जटिल रोगों के लिए केंद्रित और लक्षित उपचार उपलब्ध करवाया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को अपने घर के नजदीक बेहतर उपचार मिल सकेगा। साथ ही, इन केंद्रों के माध्यम से हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।












