सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदेश की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विभाग की योजनाओं के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने को कहा, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की असुविधा न हो।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 19 से 27 वर्ष की आयु के बच्चों को भी प्रतिमाह 1,000 रुपये पॉकेट मनी देने के निर्देश दिए। वर्तमान में योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के 18 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को 1,000 रुपये मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है।
प्रदेश में इस योजना के तहत वर्तमान में 21,292 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है और चालू वित्त वर्ष के लिए 40.29 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवा रही है।
100-100 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश एक्सपोजर विजिट
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट में से 50-50 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसाधनों और विकास का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचना चाहिए और उन्हें उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रस्तावित इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नौ बाल देखभाल केंद्रों/संस्थानों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कांगड़ा जिले के लुथान में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय ग्राम परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव सी.पी. वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित, ईसोमसा के निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












