Advertisement

सीएम सुक्खू ने किया सचिवालय के एलर्सली भवन चरण-II का उद्घाटन

Spread the love

एलर्सली भवन चरण-II का उद्घाटन, सीएम बोले- यह किसी व्यक्ति का नहीं, मुख्यमंत्री पद का कार्यालय

20 करोड़ की लागत से तैयार भवन में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय स्थापित, जल्द मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में बदलाव के संकेत


शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसर में नवनिर्मित एलर्सली भवन चरण-II का उद्घाटन किया। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। भवन के अन्य हिस्सों में निर्माण कार्य जारी है, जहां मंत्रियों के कार्यालय बनाए जाएंगे। उद्घाटन के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे।


उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पद का कार्यालय है और प्रदेश की जनता का संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जो भी मुख्यमंत्री चुना जाएगा, वह इसी कार्यालय से काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कार्यालय से लोगों को उनसे मिलने में सुविधा होगी और उनकी समस्याओं को अधिक सहजता से सुना जा सकेगा।


मुख्यमंत्री के अनुसार, भवन में फिलहाल 15 कमरे तैयार किए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री का कार्यालय छोटा होने के कारण लोगों को असुविधा होती थी। पुराने कार्यालय में मुख्यमंत्री के पहुंचने के दौरान यातायात भी रोकना पड़ता था। नए भवन के कारण इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।


फिजूलखर्ची के आरोपों पर विपक्ष को जवाब


नए मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे फिजूलखर्ची के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कोई फिजूलखर्ची नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय किसी व्यक्ति के लिए नहीं बनाया गया है। भविष्य में भाजपा की सरकार आने पर उसका मुख्यमंत्री भी इसी कार्यालय में बैठेगा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया।


मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जाएगा।


किशाऊ बांध पर पूर्व सरकार को घेरा


नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की किशाऊ बांध को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने किशाऊ बांध को लेकर ऐसा समझौता किया था, जिससे हिमाचल के हित प्रभावित होते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने उस समझौते को स्वीकार नहीं किया और केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश के हितों को मजबूती से रखा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर अब बिना किसी शर्त के एमओयू किया गया है। उनके अनुसार, परियोजना करीब पांच वर्ष में पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश को इससे 1200 से 1500 करोड़ रुपये वार्षिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किशाऊ बांध के मामले में प्रदेश के हितों से समझौता नहीं किया और हिमाचल के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में किए गए समझौते से प्रदेश को आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी, जिसे वर्तमान सरकार ने स्वीकार नहीं किया।