17 सितंबर से लागू हुआ फैसला, पीएफ, पेंशन और बीमा योजनाओं का बढ़ेगा दायरा
शिमला। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए भविष्य निधि के लिए वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है।
ईपीएफओ पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश क्षेत्र के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (प्रभारी) राजीव बिष्ट ने शुक्रवार को शिमला स्थित ईपीएफओ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि वेतन सीमा बढ़ाए जाने से अधिक संख्या में पात्र कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे। इससे कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा सहित ईपीएफओ की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
राजीव बिष्ट ने बताया कि हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में वर्तमान में 8,664 अंशदायी प्रतिष्ठानों में 3,36,759 अंशदायी सदस्य हैं। इनमें से 96,244 सदस्य वर्तमान में 15 हजार रुपये प्रतिमाह की वेतन सीमा पर अंशदान कर रहे हैं। वेतन सीमा बढ़ने के बाद इन सभी 96,244 सदस्यों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।
विश्वास योजना और रोजगार योजना की भी दी जानकारी
प्रेस वार्ता के दौरान राजीव बिष्ट ने विश्वास 2026 योजना, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी नामांकन अभियान 2026 और एमनेस्टी 2026 की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना है।उन्होंने नियोक्ताओं से पात्र कर्मचारियों का समय पर पंजीकरण और नामांकन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही कर्मचारियों को उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा लाभों के प्रति जागरूक करने को भी कहा।
मीडिया से जागरूकता बढ़ाने की अपील
राजीव बिष्ट ने कहा कि ईपीएफओ की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सही और सटीक जानकारी बेहद जरूरी है। इसमें मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने पात्रता, नामांकन प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं से जुड़े सवालों के भी विस्तार से जवाब दिए।
उन्होंने नियोक्ताओं और कर्मचारियों से बढ़ी हुई वेतन सीमा सहित ईपीएफओ की अन्य योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापक भागीदारी से देश में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी












