नशा मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए समाज के हर वर्ग से मिशन मोड में काम करने का आह्वान
शिमला। हिमाचल को नशे से मुक्त बनाने के लिए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शुक्रवार को लोक भवन में ‘एलीवेट-एक्सपीरियंस द रियल हाई, ए स्टेप टुवर्ड्स ड्रग-फ्री हिमाचल’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा चलाया जा रहा है और इसे प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ का संकल्प तभी पूरा होगा जब बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाए। उन्होंने शिक्षकों से नियमित मार्गदर्शन की अपील की और कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, इन्हें बचाना हर वर्ग की जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताई कि एकल परिवारों के बढ़ने से युवा अकेलेपन और तनाव में नशे की ओर जा रहे हैं। इसके लिए मजबूत पारिवारिक संवाद जरूरी है।
राज्यपाल ने ‘एलीवेट’ का मतलब समझाते हुए कहा कि असली ऊंचाई स्वस्थ, उद्देश्यपूर्ण और सेवा-भाव से भरे जीवन में है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है। देवभूमि हिमाचल भी अब नशे की चपेट में है, लेकिन यदि युवा नशामुक्त रहे तो प्रदेश और सशक्त बनेगा।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और समाजसेवी शामिल हुए। इस मौके पर राज्यपाल ने नशा उन्मूलन में उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मानित किया और जागरूकता पुस्तिका का विमोचन भी किया।
एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनोजिया ने मोबाइल के अधिक इस्तेमाल को भी युवाओं के लिए खतरा बताया। एलीवेट के राष्ट्रीय आउटरीच प्रमुख संयोग दत्त शर्मा ने स्वागत किया, जबकि विद्या भारती के ज्ञान कुमार और समाजसेवी गोपाल किशन ने भी विचार रखे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।













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