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25 और 26 सितंबर को कांग्रेस संगठन की अहम बैठकें, पदाधिकारियों के कामकाज की होगी समीक्षा

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कांग्रेस संगठन की बैठकों में अनुपस्थित रहने वालों से होगा जवाब तलब



लगातार बैठकों से गैरहाजिर रहने वाले पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी


शिमला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन को सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में बैठकों का सिलसिला तय किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की आवश्यक बैठक 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में होगी। इसके अगले दिन 26 सितंबर को अग्रणी संगठनों एवं विभागों के राज्य प्रमुखों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।


बैठकों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल तथा प्रदेश मामलों के सह-प्रभारी एवं एआईसीसी सचिव चेतन चौहान और विधित चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।


विनय कुमार ने कहा कि बैठकों में संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के साथ पार्टी के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के अब तक के कामकाज का भी आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक गतिविधियों में पदाधिकारियों की सक्रियता और उनकी बैठकों में उपस्थिति को भी समीक्षा का हिस्सा बनाया गया है।


उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी लगातार पीसीसी, जिला अथवा ब्लॉक स्तर की पार्टी बैठकों से अनुपस्थित रहे हैं, उनसे उनकी गैरहाजिरी को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। पार्टी संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया गया है।


प्रभार और कार्यों का पूरा रिकॉर्ड लेकर पहुंचने के निर्देश


इस बीच, संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों तथा अग्रणी संगठनों एवं विभागों के राज्य प्रमुखों को बैठक में पूरी तैयारी के साथ पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी उन्हें सौंपे गए प्रभार और कार्यों के निष्पादन से संबंधित पूरे दस्तावेज एवं रिकॉर्ड साथ लेकर आएं, ताकि संगठनात्मक कार्यों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जा सके।


विनोद जिंटा ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से दोनों बैठकों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में अनुपस्थित पाए जाने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पार्टी नेतृत्व के इन निर्देशों से संगठनात्मक जिम्मेदारियों के निर्वहन और बैठकों में नियमित भागीदारी को लेकर सख्ती के संकेत मिले हैं।