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स्वा नदी में अचानक बढ़ा जलस्तर, तेज बहाव में फंसी पिकअप; तीन लोगों की समय रहते बची जान

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स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला, जेसीबी से बाहर लाई गई पिकअप; बंद पड़े पुल को जल्द चालू करने की उठी मांग


ऊना। रविवार को ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के नंदपुर के पास उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब स्वा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक पिकअप वाहन बीच धारा में फंस गया। वाहन में सवार तीन लोगों को स्थानीय लोगों और राहगीरों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में जेसीबी मशीन की मदद से पिकअप को भी नदी से बाहर निकाल लिया गया।


जानकारी के अनुसार तीनों लोग रोज की तरह स्वा नदी पार कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण नदी में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और पिकअप बीच धारा में फंस गई। स्थिति बिगड़ती देख आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।


घटना के बाद पास के खेत में काम कर रही जेसीबी मशीन को मौके पर बुलाया गया, जिसकी मदद से फंसी पिकअप को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई जनहानि नहीं हुई।


प्रशासन लगातार बरसात के मौसम में नदी-नालों को पार न करने और जलधाराओं से दूर रहने की अपील कर रहा है। इसके बावजूद कई लोग समय बचाने के लिए जोखिम उठाते हैं, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ जाती है।


गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर तेज बहाव में एक ट्रैक्टर फंस गया था, जिसमें दो स्थानीय लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बावजूद लोग अब भी नदी पार करने का जोखिम उठा रहे हैं।


स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में दो पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से लोहारली-चरड़ू पुल करीब एक वर्ष पहले तैयार हो चुका है, लेकिन भूमि विवाद के कारण अब तक यातायात के लिए शुरू नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि इस पुल को जल्द खोल दिया जाए तो बरसात के दौरान इस तरह के जोखिम और हादसों से काफी हद तक बचा जा सकता है।



“ऊना के नंदपुर में स्वा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से एक पिकअप बीच धारा में फंस गई। वाहन में सवार तीन लोगों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि जेसीबी की मदद से वाहन को भी रेस्क्यू किया गया। घटना के बाद एक बार फिर बरसात के दौरान नदी-नालों को पार करने के खतरे और लंबे समय से बंद पड़े लोहारली-चरड़ू पुल को जल्द शुरू करने की मांग तेज हो गई है।”