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हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का 21वां शिमला जिला सम्मेलन संपन्न, गोविंद चतरांटा बने अध्यक्ष

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21 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का गठन, सुमित्रा चंदेल सचिव चुनी गईं; वैज्ञानिक सोच के प्रसार और नशा विरोधी अभियान तेज करने का संकल्प


शिमला। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का 21वां शिमला जिला सम्मेलन शनिवार को तारघर स्थित वाईडब्ल्यूसीए (YWCA) सभागार में संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए वैज्ञानिक सोच के प्रसार, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।


सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए समिति के राज्याध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में जन विज्ञान संगठनों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ रही अवैज्ञानिक सोच, अंधविश्वास, रूढ़िवाद और सांप्रदायिक उन्माद का मुकाबला वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विस्तार से ही किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


सम्मेलन में 21 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसके बाद कार्यकारिणी ने सात सदस्यीय कोर ग्रुप का चुनाव किया, जिसमें गोविंद चतरांटा को जिला अध्यक्ष, डॉ. ओ.पी. कायस्थ और डॉ. आर.के. जिस्टू को उपाध्यक्ष, सुमित्रा चंदेल को सचिव, जगदीश और अनीता को सहसचिव तथा सुरेश पुंडीर को कोषाध्यक्ष चुना गया।


सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान को तेज करना, पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार, युवाओं को वैज्ञानिक आंदोलन से जोड़ना तथा महिला सशक्तीकरण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करना शामिल है।


इस अवसर पर समिति ने स्वर्गीय चंदू देवी, प्रो. आर.के. गुप्ता और पंकज शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने प्रतिनिधियों को 10 से 12 जुलाई तक सोलन में आयोजित होने वाले राज्य सम्मेलन में भाग लेने का आमंत्रण दिया।


समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने वैज्ञानिक मूल्यों और तार्किक सोच को समाज में मजबूत करने का आह्वान किया। वहीं, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान को और तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।