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हिमाचल को मिली नई हवाई उड़ान, कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा शुरू

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया वर्चुअल शुभारंभ, 45 मिनट में चंडीगढ़ पहुंचेंगे यात्री; पर्यटन और आपात सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ


शिमला। हिमाचल प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को अपने आधिकारिक आवास ओकओवर से मंडी-चंडीगढ़ तथा कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच दैनिक हेलीकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इन सेवाओं के शुरू होने से मंडी और कुल्लू के लोगों को चंडीगढ़ तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हवाई यात्रा का विकल्प मिलेगा, वहीं पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।


भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS-उड़ान) के तहत मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा संचालित होगी, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर पर गैर-आरसीएस (मार्केट आधारित) मॉडल के तहत हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड करेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज़ और पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई हेलीकॉप्टर सेवाओं से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, आपातकालीन चिकित्सा और राहत सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।


नई सेवा के तहत हेलीकॉप्टर प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे कुल्लू से उड़ान भरकर 9:10 बजे मंडी पहुंचेगा और 9:15 बजे मंडी से रवाना होकर 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगा। वापसी में हेलीकॉप्टर सुबह 10:00 बजे चंडीगढ़ से उड़ान भरकर 10:30 बजे मंडी और 10:45 बजे कुल्लू पहुंचेगा। सभी उड़ानें नव-निर्मित कांगनीधार हेलीपोर्ट से संचालित होंगी।


आरसीएस-उड़ान योजना के तहत मंडी-चंडीगढ़ का किराया 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए 8,500 रुपये किराया तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जसकोट (हमीरपुर), रक्कड़ और पालमपुर (कांगड़ा) तथा चंबा के हेलीपोर्ट निर्माण अंतिम चरण में हैं। इसके अलावा ऊना में हेलीपोर्ट के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, जबकि नाहन और सोलन में भी हेलीपोर्ट निर्माण पर विचार किया जा रहा है। वहीं रंगरीक (लाहौल-स्पीति) में सेना के सहयोग से हेलीपोर्ट बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई संपर्क के विस्तार से हिमाचल में उच्च श्रेणी के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।