देश-विदेश के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने साझा किए विचार, हिमालयी समाज पर शोध और वैश्विक सहयोग पर दिया जोर
धामी(शिमला)। राजकीय महाविद्यालय धामी (सोलह मील) में मंगलवार को “हिमालयी समाज में परंपरा और आधुनिकता का संवाद” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विशेषज्ञों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से भाग लेते हुए हिमालयी समाज, संस्कृति, पर्यावरण, अनुसंधान तथा वैश्विक चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने मुख्य अतिथि तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. ममता मोक्टा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह कंवर ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।
मुख्य अतिथि प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा और वैश्विक अकादमिक सहयोग वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि हिमालयी समाजों पर केंद्रित अध्ययन सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए नई संभावनाएं खोल सकते हैं। वहीं डॉ. ममता मोक्टा ने हिमालयी समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
सेमिनार में पूर्व कुलपति डॉ. डी.डी. शर्मा, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट की प्राचार्य डॉ. रुचि रमेश, हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. हरि चौहान, हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. विनीत जिस्टू, सहायक वन संरक्षक देवेंद्र चौहान, ब्राजील से तिब्बती संस्कृति की अध्येता डॉ. शेली भोइल तथा बस्तर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं फुलब्राइट फेलो डॉ. एन.डी.आर. चंद्रा सहित कई विशेषज्ञों ने ज्ञान, संस्कृति, पर्यावरण, साहित्य और समकालीन वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह कंवर ने अपने स्वरचित हिंदी काव्य संग्रह “आलोक के क्षणों में” की प्रतियां कुलपति प्रो. महावीर सिंह और डॉ. ममता मोक्टा को भेंट कीं।
समापन सत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह और उच्च शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजिंदर वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस आयोजन को शोध, ज्ञान-विनिमय और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. हेमलता शर्मा ने किया, जबकि प्रो. मनीला गुप्ता ने सेमिनार की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। अंत में डॉ. उज्ज्वल राठौर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
समापन संबोधन में प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह कंवर ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से ज्ञान, शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।












