870 पीईटी, 191 शास्त्री नियुक्तियां, 6,703 मल्टी टास्क वर्कर भर्ती पूरी, 9,359 विद्यार्थियों को मिले टैबलेट; शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
शिमला। प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने 3,468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि 19 श्रेणियों के 2,668 नियमित पदों का मामला हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को भेजा जा चुका है, जबकि 800 अस्थायी अंग्रेजी और गणित शिक्षकों की नियुक्ति भी प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत, ड्रॉइंग, विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, ललित कला तथा लोक प्रशासन विषयों के शिक्षकों की भर्ती भी शीघ्र पूरी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से हिमाचल को देश का अग्रणी शिक्षा राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
146 सरकारी विद्यालयों को मिली सीबीएसई संबद्धता
सीबीएसई स्कूल पहल की समीक्षा करते हुए रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य के 158 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 146 विद्यालयों को सीबीएसई की संबद्धता भी प्राप्त हो चुकी है। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की गई है। इनमें 292 अंग्रेजी तथा 284 गणित अध्यापक अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार भी संभाल चुके हैं।
9,359 विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट
डॉ. वाई.एस. परमार डिजिटल विद्यार्थी योजना की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान 9,359 विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पात्र विद्यार्थियों को भी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से बिना विलंब योजना का लाभ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालय आईसीटी प्रणाली से जुड़ चुके हैं। पहली बार राज्य सरकार को 524 विद्यालयों में पुराने कंप्यूटर बदलने की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 777 विद्यालयों में बेहतर इंटरनेट एवं नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल के साथ नेटवर्किंग टेंडर अंतिम चरण में है।
एसएमसी अभ्यर्थियों को मिलेगा दूसरा अवसर
बैठक में एसएमसी शिक्षकों, कंप्यूटर शिक्षकों और लंबित सेवा मामलों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने प्रथम प्रयास में चयनित न हो सके एसएमसी अभ्यर्थियों को दूसरा अवसर देने और सभी लंबित सेवा मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि शास्त्री पदों के लिए काउंसलिंग पूरी होने के बाद 191 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। वहीं 870 शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीईटी) पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिनमें से 355 पदों के लिए काउंसलिंग भी संपन्न हो चुकी है।
486 नए शारीरिक शिक्षक पद सृजित
मुख्यमंत्री की घोषणाओं और विधानसभा आश्वासनों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को बताया कि शारीरिक शिक्षकों के 486 नए पद सृजित किए जा चुके हैं, जबकि 112 अतिरिक्त पदों को भरने की स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
मल्टी टास्क वर्कर भर्ती की समीक्षा करते हुए बताया गया कि स्वीकृत 8,000 पदों में से 6,703 पद भरे जा चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने शेष पदों पर भी शीघ्र भर्ती पूरी करने के निर्देश दिए।
एक प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा 20 लाख तक शिक्षा ऋण
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की समीक्षा करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को इस योजना की प्रक्रिया और अधिक सरल एवं विद्यार्थी हितैषी बनाने के निर्देश दिए।
आपदा प्रभावित स्कूलों के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि इस उद्देश्य के लिए लोक निर्माण विभाग तथा हिमुडा को 19 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। कुल 101 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जबकि 80 करोड़ रुपये की राशि अभी प्राप्त होनी शेष है। उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन निरीक्षण और मौसम परामर्श प्रणाली पर जोर
रोहित ठाकुर ने गैर-कार्यशील केंद्रीय विद्यालयों को शीघ्र संचालित करने, विद्यालयों के लिए समयबद्ध मौसम परामर्श प्रणाली विकसित करने तथा शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए शिक्षण एवं खेल विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने, प्रस्तावित एआई विश्वविद्यालय की स्थापना, स्कूल से बाहर रह रहे प्रवासी बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने तथा जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर व्हाट्सएप और गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण व्यवस्था लागू करने पर भी विशेष बल दिया।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












