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निशांत शर्मा मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान याचिका का किया निस्तारण, कैंसलेशन रिपोर्ट पर फैसला मजिस्ट्रेट करेंगे

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हाईकोर्ट बोला- SIT जांच में फिलहाल नहीं मिली कोई खामी, कानून के तहत आगे की कार्रवाई के लिए दोनों पक्ष स्वतंत्र



शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने निशांत शर्मा की शिकायत पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई आपराधिक रिट याचिका का निस्तारण कर दिया है। अदालत ने कहा है कि विशेष जांच दल (SIT) की ओर से दायर दोनों कैंसलेशन रिपोर्टों पर अब संबंधित मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार फैसला करेंगे। मजिस्ट्रेट कैंसलेशन रिपोर्ट स्वीकार करने, संज्ञान लेने या आगे जांच के आदेश देने के लिए स्वतंत्र होंगे


मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.एस. संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने 8 जुलाई को सुनाए फैसले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने SIT की दोनों जांच रिपोर्टों का परीक्षण किया। अदालत को जांच में फिलहाल कोई ऐसी कमी नहीं मिली, जिससे आगे हस्तक्षेप की जरूरत हो।


हाईकोर्ट ने कहा कि SIT ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान सहित सभी पहलुओं की जांच करने के बाद अपनी कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल की है। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया जांच प्रक्रिया में कोई ऐसी खामी सामने नहीं आई, जिससे उसे अविश्वसनीय माना जाए।


अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता निशांत शर्मा को कैंसलेशन रिपोर्ट पर कानून के अनुसार आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार रहेगा। वहीं पूर्व डीजीपी संजय कुंडू भी यदि चाहें तो कानून के तहत उपलब्ध वैधानिक उपाय अपना सकते हैं।


खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट का उद्देश्य निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना था। अब जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्टें भी दाखिल हो चुकी हैं, इसलिए आगे की कार्रवाई संबंधित मजिस्ट्रेट करेंगे। इसी के साथ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान की कार्यवाही समाप्त कर दी।