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के सी वेणुगोपाल से मिले केवल सिंह पठानिया, हिमाचल की विकास योजनाओं और प्राकृतिक खेती मॉडल पर हुई चर्चा

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उप-मुख्य सचेतक ने दिल्ली में संगठन महासचिव को राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों से कराया अवगत

किशाऊ बांध और कड़छम-वांगतू परियोजनाओं का भी किया उल्लेख


नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव एवं सांसद के.सी. वेणुगोपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और जलविद्युत परियोजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।


पठानिया ने वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विकासात्मक योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है और हिमाचल प्राकृतिक खेती के आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।


उन्होंने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक खेती से तैयार फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू किया है। सरकार ने गेहूं, मक्की, कच्ची हल्दी, पांगी घाटी की जौ और अदरक सहित कई उत्पादों के एमएसपी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। इसके अलावा पशुपालकों को राहत देते हुए गाय और भैंस के दूध के एमएसपी में भी बड़ी वृद्धि की गई है।


उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि राज्य सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। परियोजना से होने वाले बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन किए जाने से हिमाचल को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय सुनिश्चित होगी। वहीं, कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना में रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किए जाने से प्रदेश को हर वर्ष 250 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।


पठानिया ने कहा कि के.सी. वेणुगोपाल के साथ विभिन्न समसामयिक और संगठनात्मक विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल का अनुभव, मार्गदर्शन और रणनीतिक दृष्टि पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है।