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पीडब्ल्यूडी को 87 लाख का नुकसान, पांवटा में 63 ट्रांसफार्मर ठप
11 से 17 जुलाई तक मानसून कमजोर पड़ने के आसार
फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की सलाह
शिमला।हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है। सबसे अधिक असर सिरमौर और सोलन जिले में देखने को मिला है, जहां लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि यह आदेश शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। जिले में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार सिरमौर में 34 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें शिलाई मंडल की 21, संगड़ाह की 8, नाहन की 4 और राजगढ़ मंडल की एक सड़क शामिल है। भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को शुरुआती आकलन के अनुसार करीब 87 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पांवटा साहिब में 63 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली बोर्ड की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। वहीं शिलाई उपमंडल के चांपुरधार क्षेत्र में एक बैल के गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई, जिससे पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उधर, राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार रात से बारिश का दौर जारी है। शिमला के विकासनगर क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सिरमौर के कालाअंब में भी भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को सिरमौर और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोलन में मध्यम से भारी बारिश, जबकि कुल्लू, मंडी, किन्नौर, हमीरपुर और चंबा में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर में हल्की से मध्यम तथा लाहौल-स्पीति में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। शिमला शहर में अगले कुछ घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जिसके बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, फिसलन के चलते वाहन दुर्घटनाएं, कम दृश्यता के कारण यातायात बाधित होने और कुछ स्थानों पर आवश्यक सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं। लोगों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन और यातायात पुलिस की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में मानसून की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस सीजन में अब तक छह भूस्खलन और चार बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनके चलते 250 से अधिक सड़कें और करीब 200 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 11 से 17 जुलाई के बीच मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ सकती हैं और इस दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने और प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।












