शिक्षा मंत्री बोले, राज्यभर में एक साथ छुट्टी नहीं होगी, जहां अवकाश घोषित होगा वहां शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भी रहेगी छुट्टी
साढ़े तीन साल में 8 हजार नियुक्तियां, 11 हजार भर्ती का लक्ष्य
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्कूलों में अवकाश को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सरकार की नीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने करीब दो वर्ष पहले ही यह व्यवस्था लागू कर दी थी कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल बंद करने का निर्णय जिला स्तर पर लिया जाएगा।
अब संबंधित जिलाधीश (डीसी) ही स्थानीय हालात का आकलन कर समय रहते स्कूलों में छुट्टी घोषित करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
शुक्रवार को भारी बारिश के कारण प्रदेश के दो जिलों में स्कूल बंद किए जाने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे हिमाचल में एक साथ स्कूल बंद करना व्यावहारिक नहीं है। हर जिले की भौगोलिक स्थिति और मौसम अलग-अलग हैं, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना अधिक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि जहां भी अवकाश घोषित किया जाएगा, वहां शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों वर्गों के कर्मचारियों की भी छुट्टी रहेगी।
शिक्षा मंत्री ने विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया का भी ब्यौरा देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में अब तक करीब आठ हजार नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जबकि लगभग दो हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि 400 सहायक प्रोफेसरों के पदों का मामला चयन आयोग को भेजा जा चुका है और सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक करीब 11 हजार नियुक्तियां करने का है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रदेश में भर्ती के लिहाज से एक रिकॉर्ड होगा।
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी को आंकड़ों पर संदेह है तो वह सूचना के अधिकार के तहत पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
सीबीएसई से संबद्ध किए गए प्रदेश के 150 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पहले चरण में इन स्कूलों के लिए प्रिंसिपलों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और प्रिंसिपलों की तैनाती के तुरंत बाद चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेश में प्रस्तावित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) यूनिवर्सिटी के संबंध में पूछे गए सवाल पर रोहित ठाकुर ने कहा कि नई तकनीकों और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस दिशा में प्रारंभिक स्तर पर चर्चा शुरू हुई है। फिलहाल यह प्रस्ताव विचार-विमर्श के शुरुआती चरण में है और इस पर आगे विस्तृत मंथन किया जाएगा।












