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वंदे मातरम् ने देशभक्ति को राष्ट्रीय कर्तव्य बनाया, सरदार पटेल ने रखी एक भारत की मजबूत नींव : उपराष्ट्रपति

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खराब मौसम के कारण शिमला नहीं पहुंच सके उपराष्ट्रपति, आईआईएएस के कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित


शिमला। देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को एक पवित्र राष्ट्रीय कर्तव्य में बदल दिया और स्वतंत्रता सेनानियों की कई पीढ़ियों को साहस, त्याग और आशा के साथ प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने केवल रियासतों का ही नहीं, बल्कि देशवासियों के दिलों का भी एकीकरण किया और एक राष्ट्र, एक संविधान तथा साझा भविष्य की मजबूत नींव रखी।


उपराष्ट्रपति भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला में आयोजित ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ पर स्थायी प्रदर्शनी के उद्घाटन और ‘सरदार पटेल का दृष्टिकोण : एकीकरण, एकता और संघवाद’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। खराब मौसम के कारण वह शिमला नहीं पहुंच सके।


अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि ईमानदारी, उत्कृष्टता और एकजुट उद्देश्य के साथ दैनिक जीवन के आचरण में भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से ‘वंदे मातरम्’ के कालजयी संदेश और सरदार पटेल के दूरदर्शी विचारों को आगे बढ़ाते हुए एक एकजुट, आत्मविश्वासी और समावेशी भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करने का आह्वान किया।