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कमला नेहरू अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन सभी मरीजों के लिए शुरू करने की मांग, जनवादी महिला समिति ने उठाए सवाल

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गायनी ओपीडी को आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल लाने की भी मांग, महिलाओं को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया


शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला कमेटी ने कमला नेहरू अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ सभी महिला मरीजों को उपलब्ध कराने और गायनी ओपीडी को आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि जिला कमेटी कई वर्षों से कमला नेहरू अस्पताल के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है। हाल ही में गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरित किए जाने और कमला नेहरू अस्पताल को बचाने की मांग को लेकर महिला समिति ने करीब दो महीने तक आंदोलन चलाया था। इसके अलावा इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया।


उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन का उद्घाटन किया गया था, ताकि महिला मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। लेकिन वर्तमान में इस मशीन का उपयोग केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए किया जा रहा है। वहीं, गायनी ओपीडी से संबंधित जिन महिलाओं को जांच के लिए कमला नेहरू अस्पताल भेजा जाता है, उन्हें डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड लिखे जाने पर या तो निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है या फिर दोबारा आईजीएमसी जाना पड़ता है।


सोनिया शबरवाल ने कहा कि ओपीडी में आने वाली महिलाओं का अल्ट्रासाउंड अभी भी पुरानी मशीन से किया जा रहा है, जिसकी क्षमता सीमित है और वह प्रतिदिन करीब 40 अल्ट्रासाउंड ही कर पाती है। इसके चलते कई महिलाओं को समय पर जांच नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल से दोबारा आईजीएमसी जाने के लिए महिलाओं को निजी टैक्सी करनी पड़ती है, जिससे उन पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।


महिला समिति ने प्रशासन से मांग की है कि गायनी ओपीडी को आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल लाया जाए तथा नई अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग केवल भर्ती मरीजों तक सीमित न रखकर सभी महिला मरीजों के लिए सुनिश्चित किया जाए, ताकि गर्भवती और अन्य स्त्री रोग से पीड़ित महिलाओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।