अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से की मुलाकात, संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान पर हुई चर्चा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शुक्रवार को यूनाइटेड किंगडम के विश्वविद्यालयों और हिमालयी पर्यावरण संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. महावीर सिंह से शिष्टाचार भेंट कर आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में यूनिवर्सिटी ऑफ कुम्ब्रिया (यूके) के प्रो. रिचर्ड जॉनसन और प्रो. इयान कॉनवेरी, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लॉस्टरशायर की सेरी डेविस तथा जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कुल्लू के डॉ. केसर चंद शामिल रहे।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय HiFlo-App शोध दल द्वारा विकसित एंड्रॉयड मोबाइल एप ‘आपदा सहायक’ की जानकारी दी। वर्तमान में इस एप का पायलट प्रोजेक्ट कुल्लू जिले में संचालित किया जा रहा है। यह एप स्थानीय समुदायों को सरकारी एजेंसियों से जोड़ते हुए आपदा की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और पुनर्वास संबंधी समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन द्वारा भी आपदा अध्ययन और प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कुम्ब्रिया और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बीच भविष्य में समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर संयुक्त शोध, शैक्षणिक आदान-प्रदान और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय की रुचि जताई।
बैठक में आपदा प्रबंधन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में शैक्षणिक संवाद, संस्थागत सहयोग और अनुसंधान गतिविधियों को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर डीन ऑफ स्टडीज प्रो. बी.के. शिवराम, डीन प्लानिंग एवं सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन के निदेशक प्रो. एन.एस. नेगी, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. हरि मोहन, प्रो. डी.डी. शर्मा, डॉ. सीमा चौधरी तथा भूगोल विभाग के शोधार्थी भी उपस्थित रहे।












