12 माह का वेतन, 20 अवकाश, ग्रेच्युटी, पेंशन और 25 बच्चों की शर्त खत्म करने सहित कई मांगों पर सौंपा ज्ञापन
शिमला। हिमाचल प्रदेश मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वर्कर्स के वेतन, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग की। शिक्षा मंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक विचार कर समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने हर महीने समय पर पूर्ण वेतन देने, मानदेय में बढ़ोतरी, वर्ष में 20 अवकाश, दो वर्दियां उपलब्ध कराने, चुनाव ड्यूटी के दौरान भोजन बनाने पर अतिरिक्त मानदेय देने, 21 अगस्त के निदेशक के आदेशों को लागू करने, वर्ष में तीन की बजाय एक मेडिकल चेकअप कराने तथा उसका खर्च और उस दिन का वेतन देने की मांग उठाई। इसके अलावा क्लस्टर स्कूलों के नाम पर कर्मचारियों की छंटनी रोकने, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और कर्मचारी मुआवजा सुविधा लागू करने, 25 बच्चों की शर्त समाप्त करने तथा 12 महीने का वेतन देने की भी मांग की गई।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप कुमार और महासचिव शांति देवी ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो 2 अगस्त को होने वाली राज्य कमेटी की बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों मिड-डे मील वर्कर्स बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की एकल और खंडपीठ 10 माह के बजाय 12 माह का वेतन देने का फैसला दे चुकी है, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता और भुगतान भी किस्तों में किया जाता है। 25 बच्चों की शर्त के कारण विद्यार्थियों की संख्या घटने पर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। इसके अलावा चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन तैयार करने का कार्य तो लिया जाता है, लेकिन उसके बदले कोई अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाता।
यूनियन ने सरकार से हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक वेतन, 12 माह का भुगतान, 20 वार्षिक अवकाश, पेंशन एवं ग्रेच्युटी, मेडिकल जांच का पूरा खर्च शिक्षा विभाग द्वारा वहन करने, मिड-डे मील योजना को प्लस-टू स्तर तक लागू करने, पहली तारीख को पूर्ण वेतन देने तथा वर्कर्स के नियमितीकरण के लिए नीति बनाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, कोषाध्यक्ष जगत राम, यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप कुमार, महासचिव शांति देवी, कोषाध्यक्ष सपना ठाकुर सहित पूनम, विपिन, विनीत, रेखा, मीरा खान, भुवनेश्वरी और श्यामा शर्मा मौजूद रहे।












