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बैंटनी में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक से सहेजी जाएगी हिमाचल की विरासत: मुख्यमंत्री

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सुक्खू बोले, डिजिटल संग्रहालय अतीत और भविष्य के बीच बनेगा मजबूत सेतु,

3डी स्कैनिंग, VR और AR तकनीक से रूबरू होंगे आगंतुक


शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला के बैंटनी में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का शुभारंभ किया। आधुनिक डिजिटल तकनीक से सुसज्जित यह संग्रहालय हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंटनी का शिमला के इतिहास में विशेष महत्व रहा है और यहां डिजिटल संग्रहालय की स्थापना राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि अतीत और भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु है, जहां लोग आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिमाचल के इतिहास और संस्कृति को नए अंदाज में अनुभव कर सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि संग्रहालय को सभी आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें हाई-रेजोल्यूशन 3डी स्कैनिंग, वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), इंटरैक्टिव टाइमलाइन और इमर्सिव स्टोरी टेलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इन माध्यमों से आगंतुक हिमाचल की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, आध्यात्मिक विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को जीवंत रूप में देख और समझ सकेंगे।


उन्होंने कहा कि संग्रहालय में शिमला के विकास की यात्रा को भी आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। एक छोटे पहाड़ी नगर से ऐतिहासिक महत्व वाले शहर बनने तक का सफर, कालका-शिमला रेलवे, हिमाचल प्रदेश के गठन के बाद का विकास, राज्य की कला एवं संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और महान विभूतियों के योगदान को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।


मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह डिजिटल संग्रहालय भविष्य में हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य की अमूल्य विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे विश्व पटल पर नई पहचान दिलाएगा।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।