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किन्नौर में आसमानी आफत: सांगला वैली का संपर्क टूटने का खतरा, बैली ब्रिज पर मंडराया संकट

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मूसलाधार बारिश से उफनाए नदी-नाले, पुल के आसपास लगातार भूस्खलन
प्रशासन ने जारी की हाई अलर्ट एडवाइजरी


किन्नौर। जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। जिले के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि पहाड़ियों से लगातार हो रहे भूस्खलन ने जनजीवन पर संकट खड़ा कर दिया है। सबसे अधिक चिंता सांगला घाटी को जोड़ने वाले मुख्य बैली ब्रिज को लेकर है, जहां पुल के आसपास लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन ने इसे संवेदनशील स्थिति मानते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।


प्रशासन के अनुसार यदि बैली ब्रिज को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचता है तो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांगला घाटी का सड़क संपर्क पूरी तरह कट सकता है। इससे हजारों स्थानीय लोगों के साथ घाटी में मौजूद पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।


लगातार बारिश के चलते जिले के छोटे-बड़े नदी-नाले रौद्र रूप धारण कर चुके हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम के बिगड़े मिजाज ने पूरे जिले में लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। प्रशासन ने सभी से मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।


राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रखा गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने भी आगामी घंटों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में किन्नौर सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जिले के कई इलाकों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।