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न्याय पदयात्रा: बनखंडी से ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय पदयात्रा’ का आगाज, 26 जुलाई को शिमला में होगा शक्ति प्रदर्शन

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न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम समेत 25 मांगों को लेकर 1,600 से अधिक शिक्षकों ने भरी हुंकार, संघ बोला- 2027 विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगा आंदोलन


कांगड़ा/शिमला।राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने और शिक्षकों की लंबित मांगों के समर्थन में शनिवार को कांगड़ा जिले के बनखंडी (देहरा) से ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय पदयात्रा’ का शुभारंभ किया। माता बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा के नेतृत्व में यात्रा शिमला के लिए रवाना हुई।

पदयात्रा के पहले ही दिन प्रदेशभर से 1,600 से अधिक प्राथमिक शिक्षकों ने इसमें भाग लेकर सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षा विभाग में सेवाएं दे चुके बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त शिक्षक भी इस आंदोलन में शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक शिक्षकों ने राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा और उनकी टीम का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। पूरे मार्ग में शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग उठाई।


संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह न्याय पदयात्रा 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जबकि 26 जुलाई को चौड़ा मैदान शिमला में प्रदेशभर के शिक्षकों की विशाल रैली और धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें हजारों शिक्षकों की भागीदारी रहने की उम्मीद है।


राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राथमिक शिक्षकों की 25 प्रमुख मांगों को लेकर चलाया जा रहा है। संघ का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। संघ ने यह भी ऐलान किया कि उनका संघर्ष वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव तक लगातार जारी रहेगा।


पदयात्रा में राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह राव, महासचिव रजनीश कौशिक, कार्यकारी अध्यक्ष रमेश बिजलवान और संजय पीसी, कोषाध्यक्ष अनिल भाटिया, महालेखाकार तेंजिन नेगी, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्षा सुनीता शर्मा, महासचिव सुशीला शर्मा, जिला कांगड़ा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सहित 11 जिलों के अध्यक्ष अपनी-अपनी कार्यकारिणी के साथ शामिल रहे।


इसके अलावा संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र केवला और गुरु चरण सिंह बेदी की उपस्थिति भी पदयात्रा का विशेष आकर्षण रही। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन को शिक्षकों के सम्मान और प्राथमिक शिक्षा के भविष्य से जुड़ा बताते हुए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत बनाने का आह्वान किया।