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हाई वैल्यू नट मिशन से बदलेगी हिमाचल की बागवानी, अखरोट-बादाम समेत टेम्परेट नट फसलों पर सरकार का बड़ा दांव

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2026-31 तक 1,000 हेक्टेयर में होंगे बागों का कायाकल्प और हाई डेंसिटी प्लांटेशन, हाई-टेक नर्सरियां, प्रोसेसिंग यूनिट और उत्कृष्टता केंद्र होंगे स्थापित

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र में आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 से 2031 तक हाई वैल्यू नट मिशन शुरू करने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत अखरोट, बादाम, खुमानी और चिलगोजा जैसी उच्च मूल्य वाली समशीतोष्ण (टेम्परेट) नट फसलों की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह मिशन प्रदेश की बागवानी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ हजारों बागवान परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मिशन के तहत प्रदेश में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इनमें 900 हेक्टेयर पुराने और कम उत्पादन वाले बागों का वैज्ञानिक तरीके से कायाकल्प किया जाएगा, जबकि 100 हेक्टेयर में हाई डेंसिटी मॉडल बाग विकसित किए जाएंगे। इसके लिए कैनोपी प्रबंधन, टॉप वर्किंग, पुराने पेड़ों का प्रतिस्थापन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, जल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई तथा जलवायु अनुकूल खेती जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

प्रदेश सरकार प्रमाणित एवं रोगमुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख नट उत्पादक क्षेत्रों में चार हाई-टेक नर्सरियां और दो उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करेगी। ये केंद्र अनुसंधान, प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी अपनाने में सहायता करेंगे।

कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए मिशन के तहत 10 आधुनिक संग्रह, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना भी की जाएगी। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत किया जाएगा तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा

मिशन में जनजातीय क्षेत्रों की महत्वपूर्ण फसल चिलगोजा के संरक्षण और पुनर्जीवन को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत प्राकृतिक पुनर्जनन, समुदाय आधारित वन प्रबंधन और चिलगोजा के बीजों के अंकुरण के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जैव विविधता के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों को स्थायी आजीविका के अवसर भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाई वैल्यू नट मिशन हिमाचल की बागवानी में विविधीकरण, आधुनिकीकरण और मूल्य संवर्धन का नया अध्याय साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टेम्परेट नट फसलों की अपार संभावनाएं हैं और आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा मजबूत आधारभूत ढांचे के माध्यम से किसानों को इनका पूरा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। सरकार बागवानी को तकनीक आधारित, प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुखी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन और निर्यात को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि प्रदेश के बागवानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।