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उपलब्धि: स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार, स्टाफ उपलब्धता 35% से बढ़कर 85% तक पहुंची: शांडिल

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एक सप्ताह में सहारा योजना की लंबित राशि जारी करने का दावा
70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं पर सरकार का फोकस


शिमला। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय स्वास्थ्य विभाग में केवल 35 से 36 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जो अब बढ़कर 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जहां अभी भी रिक्तियां हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।


स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 50 से अधिक संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी है। शेष संस्थानों में भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। इन अस्पतालों में सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि दूरदराज और सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।


उन्होंने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों के 300 से अधिक पद भरे जा चुके हैं और 200 से अधिक नए पदों पर भर्ती के लिए जल्द हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्टाफ नर्सों के 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिनमें 71 पद बैचवाइज आधार पर भरे जा चुके हैं। इसके अलावा 37 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में नई एक्स-रे मशीनें और 22 संस्थानों में अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जा रही हैं। पिछले एक वर्ष में स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए करीब 325 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।


आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेख करते हुए शांडिल ने कहा कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की व्यवस्था आईजीएमसी शिमला, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जा चुकी है, जबकि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी में 128-स्लाइस सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, पीईटी-सीटी स्कैन और 3-टेस्ला एमआरआई जैसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। हमीरपुर और चमियाणा में भी 3-टेस्ला एमआरआई मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।


सहारा योजना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभागीय बदलाव और दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी हुई है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित सहायता राशि जारी करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 3,000 रुपये की सहायता के लिए किसी पात्र व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ेगा।


हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के भुगतान पर उन्होंने बताया कि हिमकेयर के तहत करीब 425 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान योजना के तहत लगभग 235 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वित्तीय सीमा के कारण भुगतान प्रभावित हुआ है, लेकिन राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से लंबित दावों का निपटारा कर रही है।


निजी अस्पतालों को हिमकेयर योजना से बाहर रखने के फैसले पर शांडिल ने कहा कि कुछ मामलों में उपचार और दवाइयों के बिलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी के मद्देनजर फिलहाल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से सेवाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था के साथ प्रदेशवासियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।