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शिमला के 600 मेधावियों का सम्मान, राज्यपाल बोले- हिमाचल बन सकता है हरित उद्यमिता की राजधानी

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युवाओं से औषधीय पौधों और नवाचार आधारित उद्यम अपनाने का आह्वान, नशे से दूर रहने का दिया संदेश


शिमला। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज के युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों तक अपने लक्ष्य सीमित नहीं रखने चाहिए, बल्कि नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और हरित उद्यमिता के क्षेत्र में भी अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध हिमाचल प्रदेश में हरित उद्यमिता की राजधानी बनने की पूरी क्षमता है।


बुधवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार समूह द्वारा आयोजित ‘शिमला के मेधावी’ कार्यक्रम में राज्यपाल ने शिमला जिले के 35 से अधिक विद्यालयों के करीब 600 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि सफलता केवल किसी प्रतिष्ठित सेवा में चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और नवाचार के माध्यम से औषधीय जड़ी-बूटियों, सुगंधित पौधों और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत आधार बनाया जा सकता है।


उन्होंने न्यूज़ीलैंड के मनुका, दक्षिण कोरिया के जिनसेंग और जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि हिमाचल भी अपने प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर हजारों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।


राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया।


उन्होंने युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से भी आगाह करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने ‘कलम ऑफ हिमाचल’ पहल का शुभारंभ भी किया।


हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर लेकर आई है और विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए पांच नए शैक्षणिक केंद्र तथा सौर पैनल निर्माण इकाई जैसी पहलें कर रहा है।


कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश मंढोतरा, विद्यापीठ संस्थान के निदेशक रमेश शर्मा, निदेशक रविंद्र अवस्थी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



राज्यपाल के संबोधन की प्रमुख बातें
शिमला जिले के 600 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान।
युवाओं से हरित उद्यमिता और नवाचार अपनाने का आह्वान।
औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों में हिमाचल के लिए अपार संभावनाएं।
शिक्षा को केवल अंकों तक सीमित न रखने की सलाह।
नशे के खिलाफ जागरूकता और नशामुक्त हिमाचल का संदेश।
‘कलम ऑफ हिमाचल’ पहल का शुभारंभ।