रानी झांसी पार्क में स्थापित हुआ पहला सेवन वंडर, अगले सप्ताह मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण
शिमला। कबाड़ समझकर फेंक दिए जाने वाले लोहे और स्टील के स्क्रैप से भी शहर की पहचान बदली जा सकती है, इसका अनोखा उदाहरण राजधानी शिमला में देखने को मिल रहा है। नगर निगम शिमला ने पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन को एक साथ जोड़ते हुए वेस्ट मेटल से दुनिया के सात अजूबों (Seven Wonders) की आकर्षक प्रतिकृतियां तैयार करवाई हैं। इन्हें शहर के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है, जहां ये पर्यटकों के लिए नए आकर्षण और सेल्फी डेस्टिनेशन बनेंगे
नगर निगम के इस अभिनव प्रोजेक्ट की शुरुआत शुक्रवार को रानी झांसी पार्क में पहले अजूबे की स्थापना के साथ हो गई। अगले एक सप्ताह के भीतर सभी प्रतिकृतियां अपने निर्धारित स्थानों पर स्थापित कर दी जाएंगी और उसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा इनका औपचारिक अनावरण किए जाने की तैयारी है
स्क्रैप बना शहर की नई पहचान
नगर निगम ने इस परियोजना के लिए शहर में पड़े बेकार लोहे, स्टील और अन्य धातु सामग्री को कबाड़ में बेचने के बजाय रचनात्मक तरीके से उपयोग करने का फैसला लिया। दिल्ली की एक विशेषज्ञ फर्म की मदद से इन स्क्रैप मेटल संरचनाओं को विश्व प्रसिद्ध सात अजूबों के स्वरूप में तैयार किया गया है।
यह पहल सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को ‘रीयूज’ (Reuse) और ‘अपसाइक्लिंग’ (Upcycling) का संदेश भी देगी कि सही सोच और रचनात्मकता से कबाड़ भी उपयोगी और आकर्षक बन सकता है।
शहर के सात स्थानों पर होंगे स्थापित
नगर निगम ने इन सेवन वंडर्स को शहर के सबसे अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर लगाने की योजना बनाई है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी इनका आनंद ले सकें। इनमें शामिल हैं- रानी झांसी पार्क, स्कैंडल प्वाइंट, शिमला वॉच कंपनी के समीप, रिज मैदान पर एटीएम के पास और आशियाना रेस्टोरेंट के नीचे, ढली चौक टनल पार करने के बाद)
सातवां स्थान भी नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थल पर विकसित किया जाएगा।
रात में और भी आकर्षक दिखेंगे सेवन वंडर्स
इन प्रतिकृतियों को केवल स्थापित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग से भी सजाया जाएगा। रात के समय इनकी रोशनी इन्हें और अधिक आकर्षक बनाएगी। नगर निगम का मानना है कि इससे शिमला में नाइट टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और पर्यटक देर शाम तक इन स्थानों पर रुककर तस्वीरें ले सकेंगे।
पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
शिमला आने वाले पर्यटकों की सबसे बड़ी पसंद रिज, माल रोड और स्कैंडल प्वाइंट जैसे स्थान होते हैं। अब इन क्षेत्रों में विश्व के सात अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित होने से शहर को नए फोटो और सेल्फी पॉइंट्स मिलेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसे आकर्षण शहर की ब्रांडिंग में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
महापौर बोले, कबाड़ भी बन सकता है धरोहर
महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शहर को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि लोगों में यह सोच विकसित करना भी है कि धरती पर कोई भी वस्तु पूरी तरह बेकार नहीं होती। यदि सही तरीके से उसका पुनः उपयोग किया जाए तो वही कबाड़ शहर की पहचान बन सकता है।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह तक सभी संरचनाएं स्थापित कर दी जाएंगी। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा इनका विधिवत अनावरण कर इन्हें आम जनता और पर्यटकों को समर्पित किया जाएगा।
पर्यावरण और पर्यटन का अनूठा संगम
यह परियोजना शिमला के लिए केवल एक सौंदर्यीकरण अभियान नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जहां एक ओर स्क्रैप मेटल का पुनः उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर शहर को नए पर्यटन आकर्षण भी मिलेंगे। नगर निगम को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।












