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हिमाचल में वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्ती, समन्वय समिति ने साइबर फ्रॉड व फर्जी निवेश योजनाओं की समीक्षा

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अनाधिकृत जमा योजनाओं पर कार्रवाई, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर


शिमला। हिमाचल प्रदेश में वित्तीय धोखाधड़ी और अनधिकृत जमा योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की 21वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। बैठक में साइबर धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और अनियमित संस्थाओं द्वारा लोगों से जमा राशि जुटाने के मामलों की समीक्षा की गई।


बैठक में विभिन्न नियामक, प्रवर्तन और राज्य सरकार की एजेंसियों ने वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति जताई। समिति ने कहा कि धोखाधड़ी के नए तरीकों से निपटने के लिए समय पर सूचना साझा करना, त्वरित प्रवर्तन कार्रवाई और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।


बैठक के दौरान राज्य में साइबर फ्रॉड की मौजूदा स्थिति, अनधिकृत जमा स्वीकार करने वाली संस्थाओं की गतिविधियों और सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई। साथ ही उपभोक्ताओं, जमाकर्ताओं और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई।


समिति ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों और नियामक संस्थाओं के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।