‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत केरल-हिमाचल Cuisine Exchange Month बना सांस्कृतिक एकता का उदाहरण, 18,656 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आयोजित ‘स्वाद संगम’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत संचालित इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसकी झलकियां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की हैं। मंत्रालय की ओर से हिमाचल के इस नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलने से शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा अभियान के प्रयासों को नई पहचान मिली है।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत इस वर्ष हिमाचल प्रदेश की जोड़ी केरल के साथ बनाई गई है। इसी क्रम में जून माह के दौरान प्रदेश के सभी 12 जिलों के 918 सरकारी स्कूलों में केरल-हिमाचल Cuisine Exchange Month आयोजित किया गया। पूरे माह चले इस कार्यक्रम में 18,656 विद्यार्थियों और 2,464 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालयों में दोनों राज्यों की खान-पान परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ी अनेक रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा पारंपरिक व्यंजनों का आदान-प्रदान रहा। विद्यार्थियों ने हिमाचल के प्रसिद्ध धाम, सिड्डू और बबरू के साथ-साथ केरल के लोकप्रिय सद्या, अप्पम और पायसम जैसे व्यंजन तैयार किए। इसके अलावा भोजन प्रदर्शनी, स्वाद परिचय सत्र, व्यंजन प्रदर्शन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने न केवल दोनों राज्यों की खाद्य संस्कृति को जाना, बल्कि विविधता में एकता के भारतीय स्वरूप को भी करीब से समझा। इस पहल ने विद्यार्थियों में दूसरे राज्यों की संस्कृति के प्रति जिज्ञासा, सम्मान और अपनत्व की भावना को और मजबूत किया।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा हिमाचल के इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे कार्यक्रम बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर भारत की सांस्कृतिक विविधता को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक समन्वय की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की राज्य समन्वयक वर्षा सूद ने कहा कि समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को शिक्षा मंत्रालय से मिली राष्ट्रीय सराहना हिमाचल के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों की सामूहिक सहभागिता का परिणाम है तथा भविष्य में ऐसे नवाचारी शैक्षिक कार्यक्रमों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।












