लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए मेमो
चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी समेत तीन इंजीनियरों से अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण तलब
शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री के 19 जुलाई को चौपाल विधानसभा क्षेत्र के मलकोट और नानहार दौरे के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की ओर से 21 जुलाई को जारी अलग-अलग मेमो के अनुसार मंत्री के दौरे का कार्यक्रम 17 जुलाई को ही सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया था। इसके बावजूद दौरे के दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं पाए गए। विभाग का कहना है कि मंत्री के कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सड़क परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ-साथ विभागीय योजनाओं एवं भविष्य की कार्ययोजना से जुड़ी जानकारी देने के लिए अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक थी।
जिन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें शिमला जोन के मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी, एचपीपीडब्ल्यूडी चौथा सर्किल शिमला के अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान तथा ठियोग मंडल के अधिशासी अभियंता का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सहायक अभियंता (सिविल) नितिन ठाकुर शामिल हैं।
मेमो में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी यह स्पष्ट करें कि मंत्री के दौरे के दौरान वे मौके पर उपलब्ध क्यों नहीं थे और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। सभी अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने चौपाल क्षेत्र के मलकोट और नानहार में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया था। साथ ही नानहार में आयोजित पारंपरिक बिशु मेले के समापन समारोह में भी भाग लिया था। मंत्री के दौरे के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति को प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।











