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राजभवन धरने और दिल्ली प्रदर्शन पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, बलबीर वर्मा ने साधा निशाना

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कहा-मुख्यमंत्री शासन चलाने के बजाय राजनीतिक ड्रामे में व्यस्त, दिल्ली हिंसा के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग


शिमला। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के राजभवन के बाहर धरने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय राजनीतिक टकराव का माहौल बना रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।


शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर आयोजित भाजपा के धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बलबीर वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे स्थान पर बिना अनुमति प्रदर्शन करना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक दल को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।


वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, लेकिन जब कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की बात आती है तो उसका रवैया अलग दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं लोकतांत्रिक विरोध नहीं बल्कि अराजकता का उदाहरण हैं। भाजपा ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।


उन्होंने यह भी कहा कि यदि दिल्ली की घटनाओं में किसी प्रकार की विदेशी फंडिंग या राष्ट्रविरोधी नेटवर्क की भूमिका के संबंध में कोई ठोस प्रमाण सामने आते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक रूप से पुष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।


इसी दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के राजभवन के बाहर देर रात धरने पर भी भाजपा ने सवाल उठाए। बलबीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री स्वयं राजभवन के बाहर धरने पर बैठा है, जो मुख्यमंत्री पद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को धरना देने के बजाय शासन चलाने और जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।


भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के आर्थिक संकट, बेरोजगारी, कर्मचारियों के लंबित मामलों, किसानों-बागवानों की समस्याओं और चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। उनका कहना था कि इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों से अधिक कांग्रेस नेतृत्व को खुश करने की राजनीति कर रहे हैं।


भाजपा ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की राजनीति स्वीकार्य नहीं हो सकती। पार्टी ने कांग्रेस से जनता के सामने जवाब देने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटनाओं पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।