आईएमडी का येलो अलर्ट जारी, अगले 12 घंटे संवेदनशील;
सिरमौर में बैराज से पानी छोड़ा, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ा
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 23 से 28 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने अगले 12 घंटे भी कई जिलों में तेज बारिश, गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और कमजोर ढलानों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
लगातार बारिश का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर में 100 से अधिक सड़कें बंद होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है, जबकि कई पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सबसे अधिक प्रभावित सिरमौर जिला है, जहां भारी बारिश के कारण 63 सड़कें बंद हैं और तीन पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में करीब 2.29 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार शिलाई में 25, संगड़ाह में 16, नाहन और सराहां में 8-8, राजगढ़ में 5 तथा पांवटा साहिब में एक सड़क बंद है। सड़कों को बहाल करने के लिए विभाग की मशीनें और टीमें लगातार काम कर रही हैं।
उधर कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। इस आपदा में 18 मकान, 9 गोशालाएं और एक प्राथमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तीन महिलाएं घायल हुई हैं, जबकि नौ मवेशियों की मौत हुई है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
कुल्लू जिले के आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों में लगातार बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने के कारण जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, कॉलेजों और आईटीआई को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
राजधानी शिमला में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। टूटीकंडी के ओल्ड बैरियर क्षेत्र में चार पेड़ मकानों पर गिरने से कई घरों की टीन की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं लिफ्ट के समीप राजीव भवन के सामने पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण प्रशासन ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 12 घंटों में बिलासपुर, मंडी, सिरमौर, सोलन, शिमला और कुल्लू जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज वर्षा के दौर पड़ सकते हैं। चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर में भी बारिश की संभावना है, जबकि किन्नौर और लाहौल-स्पीति में हल्की वर्षा का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
आईएमडी के अनुसार 23 से 28 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इस बीच सिरमौर जिला प्रशासन ने रेणुकाजी स्थित गिरी जटन बैराज का जलस्तर बढ़ने पर बुधवार शाम 5:15 बजे गेट नंबर-4 खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा। प्रशासन ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और तटीय इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही सभी संबंधित विभागों, पंचायतों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।












