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पीएम की आधी रात की घोषणा पर बरसे राठौर, बोले- माफी की उम्मीद थी, मिली सिर्फ लीपापोती

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लें प्रधानमंत्री, छात्रों के मुद्दे पर राजनीति नहीं बल्कि जवाबदेही चाहती है कांग्रेस


शिमला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने छात्रों से जुड़े मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आधी रात को सोशल मीडिया के माध्यम से देश को संदेश दिया, लेकिन जिन सवालों के जवाब की उम्मीद देश कर रहा था, उन पर कोई स्पष्ट बात नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के चेहरे से लग रहा था कि वह व्यथित हैं और उन्हें उम्मीद थी कि वह देश से माफी मांगेंगे, लेकिन उनके संदेश में केवल लीपापोती की कोशिश नजर आई।


राठौर ने कहा कि इतने गंभीर विषय पर प्रधानमंत्री को सोशल मीडिया के बजाय संसद के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लें और छात्रों से जुड़े पूरे मामले में जवाबदेही तय करें।


उन्होंने कहा कि देश और दुनिया ने देखा है कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे बच्चों के साथ किस तरह का व्यवहार किया गया। इसके बावजूद प्रधानमंत्री के संदेश में न तो शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की बात हुई और न ही उनके इस्तीफे का कोई जिक्र किया गया। राठौर ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।


विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश का आरोप


कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्ष की आवाज को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है और सत्ता पक्ष को उन सवालों का जवाब देना चाहिए।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर निशाना साधते हुए राठौर ने कहा कि वह राहुल गांधी से सवाल कर रहे हैं, जबकि आज सवाल विपक्ष से नहीं, बल्कि केंद्र में बैठी सरकार से पूछे जाने चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि युवाओं और छात्रों में इतना आक्रोश क्यों है और उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


‘युवाओं के मुद्दे उठा रही कांग्रेस, राजनीति नहीं कर रही’


राठौर ने कहा कि आज देश के युवाओं में गहरा आक्रोश है। कांग्रेस छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा के आईटी सेल पर युवाओं के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने मीडिया के एक वर्ग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान प्रायोजित एजेंडा के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने और जनता के मुद्दों को सामने लाने की होनी चाहिए।


पुलवामा से विदेश नीति तक केंद्र को घेरा


प्रेसवार्ता के दौरान राठौर ने पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में भी जवाबदेही से जुड़े कई सवाल आज तक बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश गलत दिशा में जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री विदेश दौरों में व्यस्त हैं।


विदेश नीति को लेकर भी राठौर ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वतंत्र और मजबूत विदेश नीति अपनाने में विफल रही है और अमेरिका के दबाव में काम कर रही है। राठौर ने भाजपा पर भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने और वोट की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सरकार से नारों के बजाय युवाओं, शिक्षा और राष्ट्रीय हित से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब चाहती है।