हिमाचल प्रदेश पेंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
विभाग ने 300 मामलों की स्वीकृति और शेष के जल्द निस्तारण का दिया भरोसा
शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा की अध्यक्षता में शहरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. नीरज कुमार से मुलाकात कर शहरी स्थानीय निकायों के करीब 2300 पेंशनरों के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के मीडिया प्रभारी सैनराम नेगी, हिमाचल प्रदेश शहरी स्थानीय निकाय सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह सेन, जिला सिरमौर प्रधान इकबाल परवेज, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सेन, जिला उपाध्यक्ष सुभाष ठाकुर, जिला मंडी प्रधान प्रवीण शर्मा तथा जिला शिमला के सुखदेव सिंह मट्ठू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
भूपराम वर्मा ने बताया कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने जून 2026 की बैठक में शहरी स्थानीय निकायों के लगभग 2300 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के आधार पर पेंशन देने को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। हालांकि, इस पर होने वाला वित्तीय व्यय संबंधित शहरी निकायों को स्वयं वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक इन पेंशनरों को 1 जनवरी 2006 के वेतनमान के आधार पर ही पेंशन मिल रही है।
प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह सेन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1994, पालिका कर्मचारी सेवा नियम तथा संबंधित सेवा नियमों के अनुसार पेंशन और भविष्य निधि का संचालन शहरी विकास विभाग के माध्यम से किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान निदेशक शहरी विकास डॉ. नीरज कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 300 मामलों को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा शेष मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निदेशालय स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप आगामी वर्ष 16वें वित्त आयोग के लागू होने के बाद आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।












