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हिमाचल में परिवहन क्रांति की शुरुआत, 180 किमी रेंज वाली ई-बसें और स्मार्ट ट्रैवल कार्ड लॉन्च

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CM सुक्खू बोले- 2027 तक आत्मनिर्भर और 2030 तक आधुनिक परिवहन व्यवस्था का लक्ष्य, RDG बंद कराने के मुद्दे पर भाजपा पर साधा निशाना


शिमला/सोलन। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सोलन जिले के क्यारीघाट में आयोजित कार्यक्रम में ‘हिम-बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड’ का शुभारंभ किया और नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और भाजपा पर रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल नई बसें खरीदना नहीं, बल्कि हिमाचल में पूरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इन बसों से यात्रियों को अधिक आरामदायक और प्रदूषण मुक्त सफर मिलेगा, वहीं एचआरटीसी के संचालन खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।


मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के विभिन्न डिपो में अब तक 297 नई इलेक्ट्रिक बसें भेजी जा चुकी हैं। इनके संचालन से प्रति किलोमीटर 40 से 50 रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ष 1000 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है, जबकि भविष्य में 100 हाइड्रोजन बसें भी सड़क पर उतारी जाएंगी। सरकार ने वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और वर्ष 2030 तक परिवहन व्यवस्था का व्यापक आधुनिकीकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘हिम-बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड’ को डिजिटल परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्ड से यात्रियों को टिकटिंग प्रक्रिया आसान होगी और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक एवं तकनीक आधारित बनाया जा सकेगा।


RDG पर भाजपा को घेरा


मुख्यमंत्री सुक्खू ने राजनीतिक मुद्दों पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से भाजपा बौखला गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने की पैरवी कर प्रदेश के हितों के साथ समझौता किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के विकास से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने कभी हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर सवाल उठाए थे, आज वही इस बदलाव को देखकर जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देना केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकता भी है।