परिजनों के आरोपों को बताया निराधार, कहा- डेढ़ महीने में पांच ट्रांसफर नहीं हुए
ड्यूटी और अनुरोध पर हुई तैनाती को बताया जा रहा स्थानांतरण
शिमला। कोटखाई गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले के गवाह रहे कांस्टेबल दिनेश कुमार के डेढ़ महीने में पांच बार तबादले किए जाने संबंधी दावों पर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में बिना आधिकारिक सत्यापन के भ्रामक खबरें प्रकाशित की जा रही हैं, जबकि तथ्यों के अनुसार ऐसा कोई मामला नहीं है।
पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल दिनेश कुमार को 21 जून 2026 को थाना चौपाल से अस्थायी ड्यूटी के लिए थाना नानखड़ी भेजा गया था, जहां उन्होंने उसी दिन कार्यभार संभाला। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को उनके स्वयं के अनुरोध और इच्छित पोस्टिंग के आधार पर उन्हें नायब कोर्ट, ठियोग में तैनात किया गया, जहां उन्होंने ज्वाइन किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि परिजनों द्वारा डेढ़ महीने में पांच बार स्थानांतरण किए जाने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत, झूठा और निराधार है। साथ ही कहा गया कि किसी कर्मचारी के निलंबन के दौरान उसका मुख्यालय (हेडक्वार्टर) निर्धारित किया जाना स्थानांतरण की श्रेणी में नहीं आता।
पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से अपील की है कि किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसका आधिकारिक सत्यापन अवश्य करें, ताकि भ्रामक जानकारी के प्रसार से बचा जा सके।












