7 अगस्त 2024 से प्रभावी माने जाएंगे संशोधित नियम, विदेश और भारत में अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को मिलेगा वेतन व भत्तों का लाभ
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अध्ययन अवकाश (Study Leave) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। वित्त (विनियम) विभाग द्वारा 29 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम-56 में संशोधन किया गया है। संशोधित नियमों को 7 अगस्त 2024 से प्रभावी माना जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी भारत से बाहर अध्ययन अवकाश पर जाता है तो उसे अवकाश पर जाने से ठीक पहले प्राप्त वेतन के बराबर लीव सैलरी मिलेगी। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) भी देय रहेगा।
इसी प्रकार भारत के भीतर अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को भी पूर्ण वेतन के साथ नियमानुसार महंगाई भत्ता एवं मकान किराया भत्ता मिलेगा। हालांकि इसके लिए कर्मचारी को यह प्रमाणपत्र देना होगा कि वह अध्ययन अवधि के दौरान किसी पार्ट-टाइम रोजगार के बदले छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अन्य पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर रहा है।
यदि कोई राशि प्राप्त होती है तो उसका समायोजन लीव सैलरी में किया जाएगा, लेकिन कर्मचारी की लीव सैलरी आधे वेतन वाले अवकाश (Half Pay Leave) से कम नहीं की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस संशोधन से सरकारी कर्मचारियों को उच्च शिक्षा एवं कौशल उन्नयन के लिए अध्ययन अवकाश लेने में अधिक सुविधा मिलेगी और वे आर्थिक रूप से भी सुरक्षित रहेंगे।












