बोले- कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा, जांच में करेंगे सहयोग; एफआईआर को अदालत में देंगे चुनौती
धर्मशाला। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है। शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के दबाव में विजिलेंस ब्यूरो का दुरुपयोग कर उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि एफआईआर तथ्यों और कानून के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर दर्ज की गई है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को धूमिल करना और एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को बदनाम करना है।
उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक जीवन और व्यक्तिगत वित्तीय मामलों में उन्होंने हमेशा पारदर्शिता बरती है।
आय, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी सभी जानकारियां समय-समय पर आयकर विभाग, भारत निर्वाचन आयोग और अन्य सक्षम वैधानिक प्राधिकारियों के समक्ष कानून के अनुसार प्रस्तुत की जाती रही हैं।
शर्मा ने कहा कि किसी एफआईआर का दर्ज होना केवल जांच की शुरुआत होती है, इसे दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए प्रत्येक आरोप का तथ्यात्मक और कानूनी जवाब मौजूद है तथा उनकी सभी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन के वैध स्रोत हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि एफआईआर में लगाए गए निष्कर्ष अनुमान और अधूरी जानकारी पर आधारित हैं। इसलिए वह इस कार्रवाई की वैधानिकता और औचित्य को सक्षम न्यायालय में चुनौती देंगे तथा अपने सभी संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का प्रयोग करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय की शरण लेना हर नागरिक का अधिकार है और इसे जांच में बाधा के रूप में पेश करना उचित नहीं है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्हें भारतीय संविधान, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने भरोसा जताया कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद सत्य सामने आएगा और वह सभी आरोपों से निर्दोष सिद्ध होंगे।
उन्होंने मीडिया और आम जनता से भी अपील की कि अप्रमाणित आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें तथा न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।












