1-2 अगस्त को कुल्लू के ढालपुर मैदान में क्लस्टर मुकाबले, 1000 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा; विजेता टीम पहुंचेगी कोयंबटूर ग्रैंड फिनाले
शिमला। भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल उत्सव ‘ईशा ग्रामोत्सवम’ इस वर्ष पहली बार हिमाचल प्रदेश में आयोजित होने जा रहा है। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच देने और गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता के पहले ही संस्करण को प्रदेश में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 100 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया है और 1000 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है, जिनमें 300 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु की प्रेरणा से शुरू हुए इस आयोजन का उद्देश्य खेलों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना और युवाओं व महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है। प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग के लिए वॉलीबॉल तथा महिला वर्ग के लिए थ्रोबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
1-2 अगस्त को कुल्लू में होंगे मुकाबले
हिमाचल प्रदेश में क्लस्टर स्तर के मुकाबले 1 और 2 अगस्त को कुल्लू के ढालपुर मैदान में खेले जाएंगे। इसके बाद विजेता टीमें 9 अगस्त को हरियाणा के करनाल में होने वाले डिवीजनल राउंड में भाग लेंगी। यहां सफल रहने वाली टीमों को 4 से 6 सितंबर तक कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आदियोगी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित ग्रैंड फिनाले में खेलने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए विशेष नियम
प्रतियोगिता में केवल वही खिलाड़ी भाग ले सकेंगे जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य या देश का प्रतिनिधित्व नहीं किया हो। सभी खिलाड़ी एक ही ग्राम पंचायत के निवासी होने चाहिए। वॉलीबॉल के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष और थ्रोबॉल के लिए 13 वर्ष निर्धारित की गई है।
प्रेरणादायक कहानियां बनीं आकर्षण
इस आयोजन में कुल्लू जिले के चचोगा गांव की 65 वर्षीय किसान वंती देवी विशेष आकर्षण बनी हैं। उन्होंने अपनी गांव की महिलाओं की थ्रोबॉल टीम तैयार कर उम्र से जुड़ी धारणाओं को चुनौती दी है। वहीं, बेन्ची पंचायत के 53 वर्षीय किसान प्रेमचंद गांव की वॉलीबॉल टीम तैयार करने के साथ-साथ महिलाओं को भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
एक करोड़ रुपये से अधिक की इनामी राशि
ईशा ग्रामोत्सवम में कुल एक करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई है। क्लस्टर स्तर पर विजेता टीम को 10 हजार और उपविजेता को 7 हजार रुपये मिलेंगे। डिवीजनल स्तर पर विजेता को 15 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। ग्रैंड फिनाले में वॉलीबॉल और थ्रोबॉल दोनों वर्गों की विजेता टीमों को 5-5 लाख रुपये तथा उपविजेता टीमों को 3-3 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को भी आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक राज्य के डिवीजनल राउंड में सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों को ग्रैवटॉन ई-बाइक भी दी जाएगी।
18वां संस्करण, 10 राज्यों की भागीदारी
इस वर्ष ईशा ग्रामोत्सवम का 18वां संस्करण आयोजित हो रहा है। आयोजकों के अनुसार देश के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 40 हजार से अधिक गांवों से 80 हजार से अधिक खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे। ‘फिट इंडिया’ से मान्यता प्राप्त इस आयोजन को भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन (NSPO) का दर्जा भी प्राप्त है। 2018 में इसे राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
हिमाचल प्रदेश के इच्छुक ग्रामीण खिलाड़ी isha.co/gramotsavam पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं।












