पुलिस से बचने के लिए लिंक रोड और जंगलों का लिया सहारा, मोबाइल भी रखे बंद; साजिश में शामिल तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
बिलासपुर। मंडी-भराड़ी मार्ग पर सनी गिल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए वारदात के महज 28 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए 24 घंटे के भीतर आठ अलग-अलग वाहन बदलते रहे, लिंक रोड का इस्तेमाल किया और सीसीटीवी कैमरों व पुलिस नाकों से बचते हुए जंगलों में छिपे रहे।
पुलिस के अनुसार 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे मंडी-भराड़ी के समीप सनी गिल पर दो लोगों ने जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गईं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए पहले से सुनियोजित रणनीति अपनाई। वे लगातार वाहन बदलते रहे, केवल संपर्क मार्गों का इस्तेमाल करते रहे और बरठीं व बंजार के जंगलों में छिपे रहे। तकनीकी निगरानी से बचने के लिए उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए थे।
पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी और कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की को बंजार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात की साजिश में अन्य लोगों ने भी आरोपियों को वाहन और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई। इस मामले में धीरज धर्माणी, सूर्या चंदेल और अनिल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें अनिल कुमार को गुरुवार को जबकि धीरज धर्माणी को 8 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस मुख्य आरोपियों को बिलासपुर ला रही है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस इस आपराधिक साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।












