नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में बढ़ते नशे, ओवरडोज़ मौतों और एचआरटीसी बसों की बदहाली को लेकर सरकार पर साधा निशाना
शिमला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और एचआरटीसी की बदहाल स्थिति को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल में नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है और अब जेलों के भीतर भी नशा मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आए दिन नशे के ओवरडोज़ से युवाओं की मौत हो रही है। उन्होंने बीबीएन में एक युवक की कथित ओवरडोज़ से मौत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार नशे के नेटवर्क को तोड़ने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ गठित विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के कुछ कर्मियों पर भी नशा तस्करों से मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जेलों तक नशा पहुंच रहा है तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सरकार को केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रहने के बजाय नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क तथा उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की पक्षधर है और प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने एचआरटीसी की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों पर जर्जर बसें दौड़ रही हैं और लगातार दुर्घटनाओं, तकनीकी खराबियों तथा बीच रास्ते बसों के बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली एचआरटीसी को मजबूत करने के बजाय सरकार ने उसे बदहाल स्थिति में पहुंचा दिया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।












