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महिला आरक्षण को बिना शर्त लागू करे केंद्र सरकार: फालमा चौहान

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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, 20 जुलाई से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान


शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को आगामी संसद के मानसून सत्र में बिना किसी शर्त के तत्काल लागू किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर शनिवार को एडवा और वाईडब्ल्यूसीए के प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।
फालमा चौहान ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहली बार 1996 में लाया गया था और वर्ष 2023 में संसद से पारित होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ रखा है, जिसके कारण महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल 77 महिलाएं सांसद चुनी गईं और संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व घटकर 13 प्रतिशत रह गया है। वहीं, राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी 9 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में महिला आरक्षण को और टालना उचित नहीं है।


फालमा चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय महिला संगठनों के गठबंधन के निर्णय के तहत 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के मानसून सत्र के दौरान नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इससे पहले प्रदेशभर में जन हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।

इन हस्ताक्षरों को 21 जुलाई को राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।


उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि उनकी पार्टी संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लागू कराने के लिए पूरा प्रयास करेगी।


प्रतिनिधिमंडल में एडवा की शिमला जिला सचिव सोनिया शुभरवाल, कार्यकारी जिला अध्यक्ष रमा रावत, जिला कमेटी सदस्य रेनू और डोलमा तथा वाईडब्ल्यूसीए की महासचिव रोहिणी और यूथ चेयरपर्सन दिव्या बागी भी मौजूद रहीं।