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शिक्षा विभाग का काम ही भाजपा को जवाब’, रोहित ठाकुर का पलटवार

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इस्तीफे की मांग को बताया बेबुनियाद, आर्थिक मुद्दों पर केंद्र से श्वेत पत्र की मांग; राम मंदिर चढ़ावे के कथित मामले में निष्पक्ष जांच की वकालत


शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा इस्तीफे की सलाह दिए जाने पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह बेवजह विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है, जबकि शिक्षा विभाग की उपलब्धियां स्वयं उसका जवाब हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है।


रोहित ठाकुर ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों और परफॉर्मेंस इंडेक्स में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग लगातार बेहतर हुई है। उनके अनुसार एएसईआर (ASER) रिपोर्ट, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स और साक्षरता जैसे विभिन्न मानकों पर राज्य ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है और आज हिमाचल की तुलना शिक्षा के क्षेत्र में केरल जैसे अग्रणी राज्यों से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को लेकर भाजपा सवाल उठा रही है, उनका उद्घाटन और शिलान्यास पूरी प्रक्रिया के तहत किया गया है।


प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा की ओर से श्वेत पत्र जारी करने की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में श्वेत पत्र चाहती है तो उसे केंद्र की एनडीए सरकार के फैसलों पर भी श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी मुआवजा बंद करने, एक्सटर्नल एडेड प्रोजेक्ट्स पर सीमा तय करने और राज्यों की कर्ज लेने की क्षमता में कटौती जैसे फैसलों से हिमाचल को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद राज्य सरकार सीमित संसाधनों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।


राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर रोहित ठाकुर ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।


भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राम विरोधी के रूप में प्रस्तुत करना गलत है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े न्यायिक फैसले और पूरी प्रक्रिया देश के संवैधानिक ढांचे के तहत पूरी हुई है, जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए।