छात्रों पर बल प्रयोग को लोकतंत्र पर प्रहार बताया, सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका पर उठाए सवाल, बड़े विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी
शशि भूषण
धर्मशाला। धर्मशाला के पूर्व मेयर देविंदर जग्गी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस के साथ कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों द्वारा लाठियां बरसाई गईं, जो बेहद चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
जग्गी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वे लोग कौन थे, जो बिना वर्दी के हाथों में डंडे लेकर पुलिस के साथ छात्रों पर कार्रवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और ऐसे लोगों की पहचान सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित अन्य सांसद प्रधानमंत्री आवास की ओर गए थे, लेकिन उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों के आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जग्गी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी मांगों को दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार का यही रवैया जारी रहा तो आने वाले दिनों में धर्मशाला में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन केंद्र सरकार इस अधिकार को कुचलने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।”












