खुश विक्रम सेन बोले- आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए बड़ी पहल, हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रथम हिमाचल प्रदेश आर्म्ड पुलिस (एचपीएपी) बटालियन, जुंगा की ओर से शुरू की गई निशुल्क कोचिंग एवं प्रशिक्षण पहल को युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।
महज तीन दिनों के भीतर करीब 500 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवा लिया है। इस पहल के तहत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET/PST) की भी व्यवस्थित तैयारी करवाई जाएगी। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और हर युवा अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार एवं समाज के लिए बेहतर भविष्य बनाना चाहता है। ऐसे में पुलिस विभाग में भर्ती होकर प्रदेश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि निजी कोचिंग संस्थानों की ऊंची फीस के कारण अनेक प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवा उचित प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में प्रथम एचपीएपी बटालियन, जुंगा के कमांडेंट द्वारा निशुल्क कोचिंग और प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय न केवल सराहनीय है, बल्कि यह समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।
खुश विक्रम सेन ने बताया कि योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के केवल तीन दिनों में ही लगभग 500 युवाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह उत्साह बताता है कि ऐसी पहल की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए वह भी हरसंभव सहयोग करेंगे। जरूरतमंद अभ्यर्थियों के लिए अपने स्तर पर निशुल्क ठहरने की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसी भी युवा को आर्थिक कारणों से तैयारी से वंचित न रहना पड़े।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी, PET/PST का नियमित अभ्यास, व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और अनुभवी पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे वे पुलिस भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।












