केंद्र ने बताया, स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत हिमाचल में एक भी सरकारी अस्पताल आधारित नशा मुक्ति केंद्र नहीं,
महाजन ने प्रदेश सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का लगाया आरोप
शिमला। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश में सरकारी अस्पताल आधारित नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लिखित उत्तर में बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की किसी भी योजना के तहत वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में एक भी सरकारी अस्पताल आधारित नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। साथ ही केंद्र सरकार को प्रदेश में नया नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव भी प्राप्त नहीं हुआ है।
केंद्र सरकार के जवाब का हवाला देते हुए हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कांग्रेस सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने में विफल रही है। उनका कहना था कि जब केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को सहायता देने के लिए तैयार है, तब प्रदेश सरकार का प्रस्ताव तक न भेजना उसकी उदासीनता को दर्शाता है।
महाजन ने कहा कि प्रदेश के युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन राज्य सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। यदि समय रहते केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाते तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी अस्पतालों के माध्यम से आधुनिक नशा मुक्ति सुविधाएं विकसित की जा सकती थीं।
केंद्र सरकार ने अपने उत्तर में यह भी बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR) के तहत हिमाचल प्रदेश में कुछ नशा उपचार सुविधाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल को वर्ष 2023-24 में 41.79 लाख रुपये, वर्ष 2024-25 में 35.32 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 35.11 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसके अलावा किन्नौर के क्षेत्रीय अस्पताल को वर्ष 2024-25 में 17.64 लाख रुपये तथा एम्स बिलासपुर में नशा उपचार सुविधा स्थापित करने के लिए वर्ष 2025-26 में 9.87 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार से राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के हित में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिना किसी देरी के केंद्र सरकार को आवश्यक प्रस्ताव भेजकर प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।












