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जनता पर नए शुल्क थोप रही कांग्रेस सरकार, आयुष्मान भारत का भुगतान रोक गरीबों का इलाज भी प्रभावित: हर्ष महाजन

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राज्यपाल से मिले भाजपा सांसद, बोले- केंद्र राहत दे रहा, प्रदेश सरकार बढ़ा रही आर्थिक बोझ


शिमला। भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप… (Correction: प्रेस नोट के अनुसार राज्यपाल शिव प्रताप नहीं, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता) से शिष्टाचार भेंट कर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और हिमाचल में उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आयुष्मान भारत योजना के संचालन और जनता पर नए शुल्क लगाने को लेकर निशाना साधा।


हर्ष महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को राहत दे रही है, लेकिन हिमाचल में कांग्रेस सरकार की लापरवाही के कारण आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों का भुगतान लंबित रखने से कई निजी अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों के उपचार में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, जिसका सीधा असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है।


भाजपा सांसद ने पंचायतों में घरेलू और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण शुल्क (यूजर चार्ज) वसूलने के निर्णय की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, डीजल और विभिन्न सरकारी सेवाओं के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों पर 50 रुपये से 3000 रुपये प्रतिमाह तक कचरा शुल्क का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।


उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले महंगाई कम करने, रोजगार देने और जनता को राहत देने के वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद किसानों, व्यापारियों, दुकानदारों और ग्रामीण परिवारों पर लगातार नए आर्थिक बोझ डाले जा रहे हैं।
महाजन ने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना है तो इसके लिए केंद्र और राज्य की योजनाओं से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए, न कि हर समस्या का समाधान जनता पर नया शुल्क लगाकर किया जाए।


उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सबसे पहले आयुष्मान भारत जैसी जनहितकारी योजनाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। इसके बजाय सरकार जनहित की योजनाओं में बाधाएं पैदा कर रही है और जनता पर लगातार नए शुल्क थोप रही है।