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WEATHER ALERT: भारी बारिश से हिमाचल बेहाल: 136 सड़कें बंद, 375 पेयजल योजनाएं ठप

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27 से 29 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित; SDRF ने तेज की आपदा तैयारी


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर विकराल रूप में लौट आया है। लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक आई बाढ़ के कारण 136 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 375 पेयजल योजनाएं और 64 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित होने से हजारों लोगों को पेयजल और बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए 27 से 29 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां अकेले 50 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा सिरमौर में 23, शिमला में 20, चंबा में 18, कुल्लू में 12, कांगड़ा में छह, लाहौल-स्पीति में पांच तथा बिलासपुर और ऊना में एक-एक सड़क यातायात के लिए बंद पड़ी है। सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जल-बिजली व्यवस्था भी चरमराई


बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। प्रदेशभर में 375 पेयजल योजनाएं ठप होने से कई कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित हुई है। वहीं 64 विद्युत ट्रांसफॉर्मर खराब होने से अनेक इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। संबंधित विभागों की टीमें बहाली में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।


27 से 29 जुलाई तक फिर भारी बारिश की चेतावनी


मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 24 से 26 जुलाई तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 27, 28 और 29 जुलाई को कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नालों के उफान पर आने और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।


बीते 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश


पिछले 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 56.2 मिमी वर्षा नैना देवी में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मलरौन में 49.4 मिमी, मनाली में 44 मिमी, रामपुर में 30.3 मिमी, ब्राह्मणी और ऊना में 29.4-29.4 मिमी, सराहन में 28.7 मिमी, नाहन में 27.8 मिमी, कोठी में 26 मिमी, मशोबरा में 25.5 मिमी, कांगड़ा में 25 मिमी तथा रोहड़ू में 20 मिमी बारिश हुई।



आपदा से पहले तैयारी: SDRF ने शुरू किया विशेष अभ्यास


संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने शिमला, मंडी और धर्मशाला नगर निगम क्षेत्रों में फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज (FAMEX) शुरू की है। इसका उद्देश्य भूकंप, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और अन्य आपदाओं की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना तथा कमियों की पहचान करना है।


गुरुवार को शिमला के टूटू और मज्याट क्षेत्रों में आयोजित अभ्यास के दौरान स्थानीय लोगों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, राहत एवं बचाव कार्यों और सामुदायिक सहभागिता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। अभ्यास के बाद तैयार रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जाएगी, ताकि भविष्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।