PG डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, आशा कार्यकर्ताओं और नंबरदारों का मानदेय बढ़ा, नादौन में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
सरकारी स्कूलों में सप्ताह में दो दिन मिलेगा अंडा या फल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक केवल भर्तियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, खेल, सड़क सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाकर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। कैबिनेट ने डॉक्टरों, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, नंबरदारों, विद्यार्थियों, मछुआरों और स्कूली बच्चों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के पीजी छात्रों के मासिक स्टाइपेंड में 10 से 15 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। प्रथम वर्ष के छात्रों को अब 50 हजार, द्वितीय वर्ष के छात्रों को 60 हजार और तृतीय वर्ष के छात्रों को 65 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने को भी मंजूरी दी गई।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाकर 6,800 रुपये कर दिया गया है। वहीं नंबरदारों का मानदेय भी बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को अब 1.50 लाख और राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को एक लाख रुपये की नकद राशि मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा।
स्कूल शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा फैसला मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन है। अब पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन उबला हुआ अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए नादौन के धनेटा में 75 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में रेडिएशन थेरेपी से जुड़े नए स्नातक पाठ्यक्रम शुरू होंगे तथा पांच अस्पतालों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।
कैबिनेट ने मत्स्य क्षेत्र को भी बड़ी राहत दी है। मछुआरों को नाव खरीदने पर 70 प्रतिशत सब्सिडी, मत्स्य उपकरणों पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, कोल्ड चेन और पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सहायता तथा मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बंद मछली पकड़ने के मौसम में पात्र परिवारों को 3,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को मंजूरी दी गई है ताकि नई और मौजूदा सड़कों पर दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। जल शक्ति विभाग में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए ESCO मॉडल अपनाने तथा शिमला हिल्स में जाठिया देवी माउंटेन सिटी विकसित करने को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा हिमुडा के माध्यम से विकासनगर, शिमला में पीपीपी मोड पर बहुउद्देश्यीय वाणिज्यिक परिसर विकसित किया जाएगा, जबकि ई-टैक्सी योजना में अधिकतम आयु सीमा 45 से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है।












